आज तक वो खुद को खुद से मिला ना पाया मुस्कुरा कर भी वो मुस्कुरा न पाया आज बन्द करके बैठा है खुद को जैसे ..वो कुछ छुपा रहा हो कहानियाँ बनने से पहले, उसके खत्म होने का जैसे डर सता रहा हो टूट कर बिखर चुका है वो अब लगता है कि… खोने से…
मिलना न मिलना तो नसीब की बात हैतुम हार मान कर यूं रिश्ता मत तोड़ोतुम आस का दामन मत छोड़ो!माना बिखर रहा है रिश्ता दूर जाने के डर सेपर तुम सच से मुंह मत मोड़ोआस का दामन मत छोड़ो!!